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केला की खेती कैसे करें ।kheti kisani me kela ki kheti kayse kare।how to grow banana in 2021

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मानसून के आगमन। ऋषि खेती rishi kheti kisani की शुरुआत 2021

  मानसून के आगमन। ऋषि खेती rishi kheti kisani की शुरुआत 2021 भारत में मानसून की सक्रियता जून माह में बढ़ती चली जा रही है। प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी मानसून monsoonअपने सही समय पर सक्रिय हो चुका है। monsoon मानसून के आगमन के साथ ही किसान भाइयों की सक्रियता भी खेती किसानी kheti kisani में बढ़ चुकी है   खेती किसानी द्वारा ही हमें आय की प्राप्ति होती है इस हेतु खेती किसानी kheti kisani   को किसान बहुत ही गंभीरता से मानसून  monsoon आने के उपरांत शुरू कर देता है। ऋषि खेती की शुरुआत मानसून के आगमन के साथ कर देनी चाहिए ऋषि खेती की शुरुआत मानसून monsoon के आगमन के साथ ही शुरु कर देनी चाहिए क्योंकि  rishi kheti  ऋषि खेती बिना जुताई की जाने वाली खेती है जिसमें हमें खेत में  गुड़ाई जुताई नहीं करनी है सिर्फ बीज की बुवाई नो टिल फार्मिंग विधि   no till farming से करनी होती है भूमि में जुताई ना करने की वजह से भूमि के जैविक संरचना बनी रहती है। और जैविक क्रिया सक्रिय रहने की वजह से सूक्ष्म  बैक्टीरिया और केचुआ भूमि में अवशिष्ट पेड़ पौधे के पत्ते को अपना भोजन बनाकर भूमि की उपजाऊ क्षमता बढ़ाते चले

पपीता की खेती कैसे करें। पपीता की खेती संबंधित जानकारी papaya plant

 पपीता की खेती कैसे करें। पपीता की खेती संबंधित जानकारी।papaya cultivation पपीता papaya 8 से 10 माह में फलने वाला मध्यम ऊंचाई का पेड़ है। पपीता की सब्जी हेतु घरेलू किचन गार्डन के लिए पपीता एक अत्यंत ही लाभदायक फल है। कच्चे पपीता papaya plant को सब्जी के तौर पर खाया जाता है। पपीता की उत्पत्ति उष्ण अमेरिका है। विश्व में मलेशिया दक्षिण अफ्रीका श्रीलंका में पपीता papaya plant उगाया जाता है भारत में यह 17वीं शताब्दी में लाया गया है पपीता की खेती  papaya plant  अनुमानत: इसे 10000 हेक्टर खेत में उगाया जाता है। स्थाई प्रकृति का होने के कारण क्षेत्रफल निश्चित नहीं रहता है पपीता की खेती  papaya plant   farming बिहार ,आसाम, गुजरात महाराष्ट्र, तमिलनाडु ,आंध्र प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में इसे प्रमुखता से उगाया जाता है। अमरूद की खेती कैसे करें जरूर पढ़ें पपीता के औषधीय गुण। पपीता  खाने के फायदे। पपीता फल   papaya frut   स्वादिष्ट मिठाई और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं पपीता खाने के फायदे फलों में विटामिन ए और सी प्रमुखता से होती है पेट के रोग के लिए लाभदायक है कच्चे फलों से एक प्रकार का एं

अमरूद की खेती कैसे करें, जाम की खेती जैविक विधि से कैसे करें।how to cultivate guava

 अमरूद(Guava) की खेती कैसे करें।How to Cultivate Guava अमरूद guava एक स्वादिष्ट फल है। हर किसान इसे आसानी से उगा सकता है। गृह उद्यान में यह पूरे भारत में आसानी से उगाए जाने वाला फल है। अमरूद या जाम  guava   की उत्पत्ति उष्णकटिबंधीय में अमेरिका को माना जाता है। दक्षिण एशिया श्रीलंका तथा बर्मा में भी उगाया जाता है। भारत में यह 17वीं शताब्दी में लाया गया है। किंतु भारतीय क्षेत्र की उत्पत्ति में जाम G uava  का विवरण है। भारत में इसका अनुमानत: क्षेत्रफल 160000 हेक्टर हैं। इसका उत्पादन 270000 टन है। उत्तर प्रदेश, बिहार ,और मध्य प्रदेश प्रमुख उत्पादक प्रदेश है। अति शीतल स्थानों को छोड़कर सभी स्थानों में अमरूद के उगाये जाने की प्रबल संभावनाएं है। अमरूद  G uava  की जेली प्रसिद्धि सर्व व्याप्त है। अन्य पदार्थ में चॉकलेट जैम आदि तैयार की जाती है। आम की खेती कैसे करें जरूर पढ़े अमरूद G uava  के औषधीय गुण और फायदे। Medicinal properties and benefits of Guava Guava अमरूद  G uava  खट्टा मीठा तथा सुगंधित, उत्तेजक, त्रिदोष नाशक, शीतल। भोजन के पश्चात लेने से पेट साफ करता है विटामिन सी से परिपूर्ण होता है

भारत छत्तीसगढ़ में आम की खेती कैसे करे। 1 एकड़ में लाखों की आमदनी 2021।how to cultivate mango

  आम की खेती कैसे करे। 1 एकड़ में लाखों की आमदनी 2021 chattisgarh in india।How to cultivate mango  Income of lakhs in 1 acre 2021 chattisgarh in india भारत में आम mango और खास इंसानों में फर्क रह जाता है सामान्य इंसान अपने जिंदगी में औसतन जीवन जीता है अक्सर उसे आम इंसान ही कहा जाता है उसी तरह भारतीय भूमि में आम mango के पेड़ की नस्लों की कमी नहीं है हर राज्य हर शहर हर गांव में आम mango की अलग-अलग वैरायटी अलग अलग नाम से प्रचलित है आम की उत्पत्ति हिमालय की तलहटी से  उत्तर पूर्व भारत और वर्मा के मध्य में माना जाता है भारत देश के अतिरिक्त इसे फिलिस्तीन ,इंडोनेशिया ,थाईलैंड ,वर्मा ,श्रीलंका ,मिश्र, दक्षिण अफ्रीका आदि देश में उगाया जाता है। विश्व में आम की कुल क्षेत्रफल 1022000 हेक्टर और उत्पादन एक करोड़ 33 लाख दस हजार है। भारत में इसे संपूर्ण देश में  300000 हेक्टर क्षेत्र में उगाया जाता है। और 91 लाख 54 हजार टन उत्पादन होता है। आम भारत में उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार ,महाराष्ट्र प्रदेश अग्रिम है। आम का फल पोषक तत्वों से भरपूर होता है। जिसमें विटामिन ए प्रमुख है। फलों से मुरब्बा, स्क्

पेड़ पौधे की नर्सरी लगाकर व्यापार कैसे करें। How to start a tree plant nursery business in 2021

 पेड़ पौधे की नर्सरी लगाकर व्यापार कैसे करें।How to start a tree plant nursery business in 2021 नर्सरी tree plant nursery जहां पर फल सब्जी और पुष्प के पौधे का उत्पादन तथा पालन पोषण की जाती है। पौधे का प्रवर्धन की जाती है। नर्सरी को रोपनी या पौधा प्रवर्धन गृह tree plant nursery कहा जाता है। सफल फल उत्पादन सब्जी उत्पादन तथा अलंकृत उद्यान उत्तम फल और सब्जी पौधे तथा पुष्प पौधे पर आधारित रहता है। नर्सरी में कई अलग-अलग प्रकार के पेड़ पौधे को नवजात अवस्था से ही पालन पोषण कर तैयार करनी होती है। जलवायु के प्रकार अवश्य पढ़ें click here नर्सरी tree plant nursery में सब्जी पौधे फल से फल पौधे और वनस्पति विधि (grafts) से फल पौधे तैयार की जाती है। फल और सब्जियों के बीज उत्पादन का कार्य भी नर्सरी में की जा सकती है। पेड़ पौधे की नर्सरी की स्थापना।Establishment of tree plant nursery नर्सरी tree plant nursery एक ऐसा स्थान है जिसके लिए आदर्श से जलवायु भूमि तथा सिंचाई व्यवस्था आवश्यक है। विक्रय व्यवस्था को छोड़कर फलोद्यान, सब्जी खेती तथा शोभा उद्यान के लिए जो बातें आवश्यक है। वही आवश्यकता नर्सरी के लिए भ

जलवायु के प्रकार।types of climate

 जलवायु के प्रकार।type of climate तापक्रम तथा वर्षा के आधार पर जलवायु को तीन प्रमुख भागों में विभाजित की जा सकती है एक किसान को खेती किसानी करने के दौरान जलवायु climate संबंधित ज्ञान भी होना जरूरी है पेड़ पौधे की प्रकृति पूरी तरह से जलवायु पर निर्भर करती है उन्हें जलवायु climate संबंधित ज्ञान होने पर हम अपने खेत में अच्छी तरीके से खेती किसानी कर सकते हैं। उष्णकटिबंधीय जलवायु (Tropical Climate) उपोष्ण कटिबंधीय जलवायु (sub Tropical Climate) शीतोष्ण जलवायु ( Temperate Climate) जलवायु का उद्यम फसल पर प्रभाव click here उष्णकटिबंधीय जलवायु। tropical climate उष्णकटिबंधीय जलवायु में तापमान अधिक रहता है। वायु में नमी की मात्रा अर्थात सापेक्ष आर्द्रता भी कम रहती है। कहीं-कहीं वर्षा अधिक होती है। ऐसे जलवायु में ऐसे फल और सब्जी होते हैं। जो गर्मी अधिक सहन कर सकते हैं। उष्णकटिबंधीय जलवायु में पेड़ पौधे को जल की भी कम आवश्यकता होती है। फलों में आम, काजू, नारियल, पपीता, खजूर, अंगूर आदि हो सकता है। काजू की खेती कहां और कैसे होती है उपोष्ण कटिबंधीय जलवायु। sub-tropical climate लॉक डाउन की वजह से भार